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पावन चिंतन धारा आश्रम भारत की महान ऋषिकुल परंपरा का आश्रम है जो,                       ध्यान-साधना-तप पर आधारित है                       “राष्ट्र धर्म सर्वोपरि” के सिद्धांत में विश्वास रखता है                       धर्म, दर्शन व इतिहास का वैज्ञानिक शिक्षण देता है                       सेवा को आध्यात्मिक जीवन का प्रारंभ मानता है                       व्यक्तित्व की शुद्धता और गुणों के विकास हेतु प्रशिक्षण देता है                       कर्महीनता, अज्ञानता, अंधविश्वास व पाखंड से दूर रहने का आग्रह करता है                       अधिष्ठात्री– माँ दुर्गा                       प्रेरणा –स्वामी विवेकानंद                       प्रथम पूज्य- भारत माता                       छत्रछाया- धर्म ध्वज                       जीवन सूत्र- प्रभु नाम- प्रभु काम- प्रभु ध्यान                      

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पावन सुन्दरकाण्ड पाठ

श्रीगुरु पवन जी ने पावन महिला सुन्दरकाण्ड मंडल का गठन इस मान्यता को ध्वस्त करने के लिए किया था कि महिलाएं हनुमान जी की पूजा नहीं कर सकतीं| साथ ही सुन्दरकाण्ड का आयोजन कराने वाले लोगों के रोग, दोष, दुःख-कष्ट दूर करने के लिए यह मण्डली प्रभु से प्रार्थना कर सके एवं आश्रम के कार्यों के लिए भिक्षाटन भी कर सकें यह भी इस मंडली के गठन का कारण है|

अवैतनिक रूप से, सेवा भाव से इस मण्डली से जुड़ी सभी महिलाएं अब तक 247 सुन्दरकाण्ड पाठ कर चुकी हैं परन्तु यह मंडली दिल्ली-एन सी आर के क्षेत्र तक ही सीमित रही | प्रथम बार आश्रम की कानपुर इकाई ने मण्डली को कानपुर आमंत्रित किया | दिनांक निश्चित हो गया और वह संध्या आ गयी जिसके लिए कानपुर इकाई के सदस्यों ने आश्रम के प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग लगवाए और पम्फ्लेट्स भी बांटी|

आश्रम के कुछ सदस्य लखनऊ शहर से भी आये और आश्रम परंपरा के अनुसार सही समय पर, सटीक 6 बजे दिव्य सुन्दरकाण्ड पाठ का आरम्भ हुआ ॐ स्वर के नाद से....फिर विधिवत् रूप से वहां उपस्थित आश्रम के कानपुर और लखनऊ शहर के सदस्यों ने यज्ञ आहुतियाँ की, तत्पश्चात प्रारम्भ हुआ ह्रदयस्पर्शी एवं मनमोहक संगीतमय सुन्दरकाण्ड पाठ, एक ऐसा पाठ जिसने बच्चे, युवा, बुजुर्ग सभी को प्रभु से जोड़ दिया और कोई भी अपने स्थान से हिल न सका|

इस सुन्दरकाण्ड पाठ को दिव्य बनाया महिला मंडली की सदस्या – श्रीमती अंचला श्रीवास्तव जी, श्रीमती आरती सिंह जी, श्रीमती प्रिया केसरवानी जी, सुश्री वान्या सोंधी जी ने | सुन्दरकाण्ड पाठ पूर्ण होने के पश्चात आश्रम की कार्यकर्ता सुश्री वान्या सोंधी जी ने उपस्थित जनों को आश्रम का परिचय दिया तथा आश्रम के उद्देश्यों एवं सेवा कार्यों से जुड़ने का आवाहन भी किया | फिर सभी ने प्रभु नाम लेने के पश्चात् , श्रीगुरु जी द्वारा सिखाई गई पद्धति से प्रभु ध्यान किया और प्रभु कार्य करने का आश्वासन भी दिया|

तत्पश्चात सभी ने भजनों का आनंद लिया, आरती की और फिर प्रसाद ग्रहण कर प्रभु का नाम लेते हुए प्रस्थान किया | इस सफल आयोजन के लिए कानपुर इकाई के सदस्यों को बहुत बहुत बधाई....!!

यदि आप श्रीगुरु पवन जी द्वारा गठित पावन महिला सुन्दरकाण्ड मंडल द्वारा "पावन सुन्दरकाण्ड पाठ" करा कर हनुमत कृपा प्राप्त करना चाहते हैं और आश्रम को सहयोग देना चाहते हैं तो संपर्क करें- 09412218963 / 09811847418